राहु काल सबसे प्रसिद्ध अशुभ समय है, लेकिन पारंपरिक पंचांगों में और भी कई समय दिए गए हैं। हर एक का अर्थ जानने से आप तय कर सकते हैं कि उन्हें कितनी सख्ती से मानना है।
यमगंड
हिंदू परंपरा में यमगंड पर यम का शासन माना जाता है, जो मृत्यु के देवता हैं। राहु काल की तरह यह भी दिन के 8 बराबर भागों में से एक है और लगभग 90 मिनट का होता है। इसे नई शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है, खासकर यात्रा और स्वास्थ्य से जुड़े फैसलों के लिए।
गुलिक काल (मांदी)
गुलिक, जिसे मांदी भी कहते हैं, शनि से जुड़ा है। इसका अर्थ कुछ अलग है: गुलिक काल में जो काम शुरू किया जाता है, वह बार-बार दोहराया जाता है ऐसा माना जाता है। इसलिए जिस काम का दोहराया जाना आप नहीं चाहते (जैसे अंतिम संस्कार की रस्म या कर्ज़), उसके लिए यह अशुभ है। लेकिन कुछ लोग जानबूझकर ऐसे कामों के लिए इसका उपयोग करते हैं जिन्हें वे दोहराना चाहते हैं, जैसे सोना खरीदना या बचत योजना शुरू करना। ज़्यादातर पंचांग इसे नए काम के लिए सीधे अशुभ बताते हैं।
दुर मुहूर्त
दिन को लगभग 48 मिनट के 15 मुहूर्तों में बांटा जाता है। हर वार (दिन) पर उनमें से एक या दो को दुर मुहूर्त (बुरा मुहूर्त) कहा जाता है और शुभ कामों के लिए इनसे बचा जाता है। ये छोटे होते हैं, इसलिए इनसे बचना आसान है।
भद्रा (विष्टि करण)
भद्रा कोई निश्चित दैनिक समय नहीं है। यह तब होती है जब करण (चंद्र दिवस का आधा भाग) विष्टि होता है। यह महीने में कई बार आता है और लगभग 12 घंटे तक चल सकता है। रक्षा बंधन जैसे अनुष्ठान और त्योहार इससे बचकर तय किए जाते हैं। देखें योग और करण।
इन्हें कितनी सख्ती से मानें?
कई परिवार इस व्यावहारिक तरीके को अपनाते हैं:
- महत्वपूर्ण शुरुआत के लिए हमेशा राहु काल से बचें।
- जहां आसानी से हो सके, यमगंड और दुर मुहूर्त से बचें।
- अनुष्ठानों के लिए भद्रा से भी बचें।
- गुलिक को हल्की सावधानी मानें।
Rekha का "शुभ समय" खोजक किसी समय-सीमा का सुझाव देने से पहले इन सभी को अपने आप हटा देता है।
हर वार पर समय
राहु काल, यमगंड और गुलिक तीनों दिन के उन्हीं 8 बराबर भागों से आते हैं:
| दिन | राहु काल | यमगंड | गुलिक |
|---|---|---|---|
| रविवार | 8वां | 5वां | 7वां |
| सोमवार | 2रा | 4था | 6ठा |
| मंगलवार | 7वां | 3रा | 5वां |
| बुधवार | 5वां | 2रा | 4था |
| गुरुवार | 6ठा | 1ला | 3रा |
| शुक्रवार | 4था | 7वां | 2रा |
| शनिवार | 3रा | 6ठा | 1ला |
सुबह 6 बजे सूर्योदय और शाम 6 बजे सूर्यास्त मानें तो हर भाग 90 मिनट का होता है, तो पहला भाग सुबह 6:00 से 7:30 बजे तक, दूसरा 7:30 से 9:00 बजे तक, और इसी तरह आगे। आपके असली समय आपके स्थानीय सूर्योदय के साथ बदलते हैं।